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जिम के लिए 10 सबसे बेस्ट सप्लीमेंट्स

टॉप 10 जिम सप्लीमेंट जिम प्रोटीन पाउडर मल्टी विटामिन ओमेगा 3 बीसीएए गेनर एल-कार्टनाइट सीएलए प्री-वर्कआउट एल-आर्जिनाइन ग्लुटामाइन जिम प्रोटीन पाउडर प्रोटीन पाउडर क्या होता होता है प्रोटीन एक तरह का मैक्रोन्यूट्रिएंट होता है जो हमारे शरीर की वृद्धि, साथ ही शरीर की कमि को पूरा करता है और उसे स्वस्थ और मजबूत बनाए रखने के लिए जरूरी होता है। प्रोटीन पाउडर, प्रोटीन का कसेरट्रटेड पाउडर होता है जो कि डेयरी उत्पादों, अंडे, चावल और, सोयाबीन, आलू, हर्बल, मटर, दूध आदि का चूरन बनाकर बनता है। इन सभी का एक कॉम्बिनेशन तैयार करने के बाद इसमें शुगर, विटामिन्स और खनिज तत्व मिलाए जाते हैं। प्रोटीन पाउडर का उपयोग किसलिए किया जाता है? वर्कआउट के बाद आपके शरीर को ज्यादा एनर्जी की जरूरत होती है। एक्सरसाइज के बाद शरीर में ईंधन देने के लिए अधिक प्रोटीन की आवश्यकता होती है क्योंकि इस स्थिति में आपको नार्मल प्रोटीन डाइट से अधिक प्रोटीन की जरूरत होती है। यदि आप वर्कआउट करने के दौरान मजबूत मांशपेशियां बनाने की कोशिश कर रहे हैं, तो आपको सामान्य रूप से अधिक प्रोटीन की आवश्यकता होगी। जब आप किसी चोट से उबर रहे हों तो उसे जल्दी ठीक करने में प्रोटीन पाउडर मदद करता है। यदि आप शाकाहारी हैं तो आप मांस, चिकन और मछली सहित कई आम प्रोटीन चीज़ो का सेवन नहीं करते तो ऐसे में प्रोटीन पाउडर आपके शरीर में प्रोटीन की जरूरत को पूरा करता है। मल्टी विटामिन मल्टी विटामिन क्या होता होता है जैसे हमारे शरीर को स्वस्थ और बढ़िया बनाने में खनिज आहार और अन्य पोषक तत्वों का लेना जरूरी है उसी तरह हमारे शरीर में मल्टीविटामिन का लेना भी बहुत ही जरूरी है मल्टीविटामिन कई विटामिन को मिलकर बानी जाती है, जो सामान्य रूप से आपके आहार और अन्य प्राकृतिक चीज़ो में पाएं जाते हैं। मल्टीविटामिन का उपयोग तब किया जाता है, जब आप अपनी डाइट से शरीर के लिए आवश्यक विटामिन नहीं ले पाते हैं। आपके शरीर में विटामिन किसी बीमारी का कारण भी खत्म हो जाती है। इसकी कमी से हमें कोई बीमारी भी लग सकती है इसलिए आपको सभी प्रकार के विटामिन की जरूरत होती है और उनका चयन करना आपका स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद भी होता है और आप भी तंदुरुस्त और स्वस्थ रहना चाहते हैं तो आपको मल्टीविटामिन जरूर लेनी चाहिए। मल्टी विटामिन का उपयोग किसलिए किया जाता है? मल्टीविटामिन का उपयोग तब किया जाता है, जब आप अपनी डाइट से शरीर के लिए आवश्यक विटामिन नहीं ले पाते हैं। किसी बीमारी, गर्भावस्था, कुपोषण, पाचन संबंधी विकार और अन्य स्वास्थ्य स्थितियों के कारण शरीर में विटामिन की कमी होने पर भी मल्टीविटामिन दिए जाते है। मल्टीविटामिन के अनेक फायदे है , जिसे – पोषण संबंधी कमियों को ठीक करता है। स्वस्थ गर्भावस्था का समर्थन करता है। उचित विकास और विकास को बढ़ावा देता है। हड्डियों की मजबूती बनाए रखने में मदद करता है। ब्रेन फंक्शन को बेहतर बनाता है। नेत्र स्वास्थ्य को बढ़ाता है। हृदय स्वास्थ्य में लाभ हो सकता है। ओमेगा 3 ओमेगा 3 क्या होता होता है ओमेगा 3 एक फैटी एसिड, जो कि हेल्दी फैट माना जाता है। इसके दो प्रकार EPA और DHA कुछ प्रकार की मछलियों में पाया जाता है, जबकि इसका तीसरा प्रकार ALA नट्स और बीजों में पाया जाता है। ओमेगा 3 स्वस्थ शरीर के लिए काफी जरूरी है, जो कि कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। ये शाकाहारी और मांसाहारी दोनों ही तरह के खाद्य पदार्थों में ओमेगा 3 फैटी एसिड पाया जाता है। यह अखरोट जैसे सूखे मेवों, अलसी, सूरजमुखी, सरसों के बीज, सोयाबीन, स्प्राउट्स, गोभी, ब्रोकली, शलजम, हरी पत्तेदार सब्जियों और स्ट्रॉबेरी जैसे कई फलों में भी उच्च मात्रा में पाया जाता है। हालांकि, इसका सबसे पहली शाखा मछलियां ही होती है। ओमेगा 3 दिल की बीमारियों से दूर रखने में भी काफी फायदेमंद गया है। इसलिए सभी को हफ्ते में दो बार मछली का सेवन करना चाहिए, ताकि ज्यादा मात्रा में ओमेगा 3 प्राप्त हो सके। विशेष रूप से सामन, मैकेरल, हेरिंग, सार्डिन, लेक ट्राउट, और टूना मछलियों में ओमेगा 3 भारी मात्रा में मिलता है। लेकिन जिन लोगों को मछलियों का स्वाद पसंद नहीं है, वो फिश ऑयल सप्लीमेंट का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। ओमेगा 3 का उपयोग किसलिए किया जाता है? इससे शिशु के शरीर और मस्तिष्क का विकास ठीक से होता है। 3 ह्रदय संबंधी रोगों को दूर करने के लिए ओमेगा 3 बहुत जरूरी है। ओमेगा 3  मेटाबोलिक सिंड्रोम को ठीक करने में मदद करता है। 4 ओमेगा 3  वजन घटाने और मोटापा दूर करने में भी मदद करता है।  इससे ऑस्टियोपोरोसिस का जोखिम कम होता है। यह गठिया से भी मदद करता है। ओमेगा -3 की खुराक लेने वाले मरीजों के अनुसार यह जोड़ों के दर्द में कमी लाता है और मांसपेशियों में मजबूती देता है। बीसीएए बीसीएए क्या होता होता है बीसीएए का पूरा नाम है ब्रांच्ड चेन अमीनो एसिड है। इसमें तीन तरह के अमीनो एसिड शामिल होते हैं ल्यूसीन, वेलिन और आइसोल्यूसीन। ये तीनों एनॉबोलिक होते हैं। इन तीनों में ल्यूसीन मसल्स बनाने में सबसे ज्यादा काम करता है। जब हम एक्सरसाइज करते है तो हमारी बॉडी अपनी एनर्जी खो देती है और काम करते रहने के लिए वह हमारी माशपेशियों को एनर्जी के लिए इस्तेमाल करने लगती है।बीसीएए आपकी मसल्स ब्रेक नहीं होने देता साथ ही आपके शरीर को एनर्जी देता है जिसे आप अच्छे से वर्कआउट कर पाए। बीसीएए का उपयोग किसलिए किया जाता है? यह एसेंशियल अमीनो एसिड है, जिसे बॉडी खुद रिकवर नहीं करती है। ये फूड या सप्लीमेंट के द्वारा ही हमें लेना होता है। बीसीएए बॉडी में अमीन एसिड्स की कमी को पूरा करता है, जिससे मसल्स ब्रेक डाउन होने से बच जाते हैं और जल्दी रिकवरी होती है।अब सवाल ये , है कि बीसीएए आता कहां से है। सच्चाई ये है कि प्रोटीन वाले हर खाने में यह होता है।अंडे, मीट, दालें, दूध और प्रोटीन के सभी स्रोतों में यह पाया जाता है। नॉन वेज मे इसकी मौजूदगी वेज के मुकाबले और ज्यादा होती है क्योंकि वैसे भी नॉन वेज में सभी आठ तरह के एमिनो एसिड पाए जाते हैं। गेनर गेनर क्या होता होता है गेनर वेट गेन के लिए लिया जाता है जो मसल्स मास बढ़ाने में

How to Measure Your Height

हाइट बढ़ाने के घरेलू उपाय, एक्सरसाइज और क्या खाएं – How to Increase Height in a Week in Hindi

हाइट बढ़ाने के तरीके – Height Badhane Ke Liye Kya Kre हाइट एक ऐसी चीज है जिसे सुंदरता के पैमाने में सबसे ऊपर माना जाता है। आप सभी ने देखा होगा की भीड़ में लंबा व्यक्ति अलग ही दिखाई देता है। यह कारण है कि हर कोई लंबी हाइट की ख्वाहिश रखता है। आपकी इसी ख्वाहिश को पूरा करने के लिए आज हम आपको इस लेख में बताएंगे – हाइट बढ़ाने के तरिके, हाइट बढ़ाने की दवा, हाइट बढ़ाने का तरीका, हाइट बढ़ाने के उपाय, हाइट बढ़ाने की दवा पतंजलि, हाइट बढ़ाने के कैप्सूल, हाइट बढ़ाने की एक्सरसाइज फोटो, हाइट बढ़ाने के लिए क्या खाना चाहिए, हाइट बढ़ाने के घरेलू नुस्खे, हाइट बढ़ाने के योग, हाइट बढ़ाने की एक्सरसाइज (exercise) और हाइट बढ़ाने के लिए क्या करना चाहिए। कई लोगों को यह कहा जाता है कि हाइट अनुवांशिक होती है और वह केवल 17 से 18 वर्ष की उम्र तक ही बढ़ती है। दरअसल ऐसा बिलकुल नहीं है। आप चाहें तो 18 वर्ष की उम्र के बाद भी अपनी हाइट बढ़ा सकते हैं। आयुर्वेद और योग के अनुसार भी कुछ खास जड़ी-बूटियों के सेवन व आसान की मदद से हाइट बढ़ाने में मदद मिलती है। अगर आपकी उम्र 18, 21 या 25 वर्ष की है तो चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि इस उम्र में भी हाइट बढ़ाने की गुंजाईश होती है। हालांकि, ध्यान रहे की जितनी ज्यादा आपकी उम्र होगी उतना ही कम आपकी हाइट बढ़ने की संभवना रहेगी। हाइट बढ़ाने का घरेलू उपाय – Height badhane ka gharelu upay आप सोच रहे होंगे की बिना किसी कसरत व योग के हाइट को कैसे बढ़ाया जा सकता है? बता दें की आयुर्वेद के अनुसार हमारी डाइट यानी खाने का हाइट बढ़ाने पर बेहद असर पड़ता है। हम जो कुछ खाते हैं उसका सीधा प्रभाव हाइट बढ़ने व रुकने दोनों को प्रभावित कर सकता है। इसीलिए आज हम आपको बतांएगे की किन हेल्दी उपाय की मदद से आप घर पर ही हाइट बड़ा सकते हैं – हाइट बढ़ाने का घरेलू तरीका है अश्वगंधा चूर्ण – Height badhane ka gharelu upay hai ashwagandha अश्वगंधा एक ऐसी आयुर्वेदिक औषधि है जिसे लगभग हर रोग के इलाज में इस्तेमाल किया जाता है। अश्वगंधा पाउडर का यौन स्वास्थ्य, ऊर्जा बढ़ाने और शक्ति प्रदान करने के लिए सेवन किया है। इसके अलावा कई प्राचनी चिकित्स्क अश्वगंधा के सेवन से शरीर की लंबाई बढ़ाने का भी उपचार किया करते थे। अध्ययनों के अनुसार भी अश्वगंधा के सही सेवन की मदद से 25 की उम्र तक व्यक्ति की हाइट आसानी से बढ़ सकती है। चूर्ण है हाइट बढ़ाने का घरेलू नुस्खा – Growth on Powder for Height Increase in Hindi अगर आप घर पर ही बिना किसी खर्च के हाइट बढ़ाने की दवा बनाना चाहते हैं तो नागौरी और अश्वगंधा बनाने की विधि को अच्छे से फॉलो करें। अश्वगंधा के पत्तों को अच्छे से पीस कर उसमें नागौरी के बीज मिलाएं। इन दोनों का चूर्ण (powder) तैयार कर लें और उसे रोजाना दूध या पानी में मिलाकर 2 बार सेवन करें। हाइट बढ़ाने के नुस्खे हैं कैल्शियम युक्त आहार – Calcium se badhti hai height कैल्शियम (height badhane ka tarika) हड्डियों की वृद्धि के लिए बेहद जरूरी होता है। छोटी उम्र से ही कैल्शियम की कमी के कारण व्यक्ति को किशोरावस्था में कम हाइट का सामना करना पड़ सकता है। अगर आप 22 की उम्र के बाद भी हाइट बढ़ाना चाहते हैं तो कैल्शियम युक्त आहार खाना शुरू कर दें। इसके लिए आप अंडे, दूध, पनीर, बीन्स, फलियां, कद्दू, गाजर दाल, केले और ब्रोकोली का सेवन कर सकते हैं। अपने आहार में दूध से बनी सभी प्रकार की चीजों को शामिल करें। हाइट बढ़ाने का घरेलू उपचार है नींद – Height badhane ka gharelu upchar hai neend अच्छी हाइट के लिए पर्याप्त नींद लेना बेहद जरूरी होता है। सोते समय हमारे शरीर की मांसपेशियां को आराम मिलता है जिससे उनमें वृद्धि होती है। इसके साथ ही अच्छी नींद लेने से हड्डियां व मस्तिष्क स्वस्थ रहते हैं। बेहतर नींद के लिए सोने से पहले दूध का सेवन करें। इसके अलावा सीधी मुद्रा में सोने की कोशिश करें। सही मुद्रा और सोने का समय से हाइट के बढ़ने में बेहद महत्व रखता है। हमारे शरीर के ज्यादातर ग्रोथ हॉर्मोन सोते समय ही बढ़ते हैं। हालांकि, इसके साथ आपको अपने दिनचर्य में स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज शामिल करने की भी आवश्यकता होगी। हाइट बढ़ाने का घरेलू इलाज है ये देसी नुस्खा – Height badhane ka gharelu ilaj hai ye desi nuskha बरगद का फल, जीरा और मिश्री के मिश्रण का रोज सेवन करने से 18 वर्ष की उम्र के बाद भी हाइट को बढ़ाया जा सकता है। तीनो सामग्री को एक साथ पीस लें। अब इस पाउडर को दूध या पानी के साथ मिलाकर रोजाना दिन में दो बार लें। हाइट बढ़ाने की 5 एक्सरसाइज – Height badhane ki exercise व्यायाम हाइट बढ़ाने में सबसे अधिक प्रभावशाली माना जाता है। हालांकि, अगर आपकी उम्र 22 से ज्यादा है तो आपको इसके साथ हाइट बढ़ाने के घरेलू उपायों को भी अपनाने की जरूर पड़ सकती है। हाइट बढ़ाने की बेस्ट एक्सरसाइज है साइकिलिंग – Height badhane ki best exercise hai cycling अगर आप अभी भी 18 वर्ष के हैं और अपनी हाइट बढ़ाने के बारे में चिंतित हैं तो साइकिलिंग आपके लिए एक बेहतरीन हाइट बढ़ाने की एक्सरसाइज हो सकती है। कुछ अध्ययनों में साइकिल चलाने से हाइट बढ़ने के ठोस सबूत देखें गए हैं। साइकिल चलाते समय हमारे पैरों की गतिविध में स्ट्रेचिंग होती है जिसके कारण उनके लंबे होने की संभावना बड़ जाती है। ध्यान रहे की किसी भी उम्र में स्ट्रेचिंग की मदद से शरीर को कुछ इंच तक बढ़ाया जा सकता है। लटकना है हाइट बढ़ाने की बेस्ट एक्सरसाइज इन हिंदी – Hanging exercise for height in Hindi लटकने से हाइट बढ़ती है, यह तो हम सभी जानते हैं लेकिन किस उम्र तक? दरअसल शोध के अनुसार आपको बढ़ती उम्र के मुताबिक लटकने की विधि और समय सीमा में बढ़ोतरी करने की आवश्यकता होती है। कम उम्र से ही लटकने पर किशोरावस्था तक व्यक्ति की लंबाई अच्छी खासी बढ़ जाती है। हालांकि, अगर आप 21 वर्ष की

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बिना मेहनत किए एक हफ्ते में घटाएं वजन – Weight loss in one week in Hindi

आजकल की आधुनिक जिंदगी में सबसे बड़ी और खतरनाक बीमारी बनती जा रही है मोटापा। भागती-दौड़ती जिंदगी में अब हमारे पास इतना भी समय नहीं होता है कि हम स्‍वस्‍थ आहार और एक्‍सरसाइज़ कर पाएं और इसका नतीजा होता है बढ़ता हुआ वजन। कई लोग घर पर ही वजन घटाना (Weight loss at Home) चाहते हैं और ये संभव भी है। जिन लोगों के पास पैसा और खूब सारा वक्‍त होता है वो तो जिम जाकर वेट लॉस कर लेते हैं लेकिन जिनके पास पैसे और समय दोनों की ही कमी होती है उनके लिए प्राकृतिक वेट लॉस टिप्‍स (Natural Weight loss tips) बहुत कारगर साबित होते हैं। आज इस लेख के ज़रिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि किस तरह बिना मेहनत किए आप अपना मोटापा आसानी से घटा सकते हैं। वेट कम करने के लिए सबसे पहले आपको अपनी कुछ आदतों को कंट्रोल करना होगा। अगर आप ये कर पाने में सफल हो पाते हैं तो आपको वजन घटाने के उपाय करने की जरूरत नहीं है। तो चलिए जानते हैं वेट लॉस के लिए आपको किन आदतों को छोड़ना चाहिए। वजन घटाने के लिए डाइट चार्ट जो लोग वेट लॉस करना चाहते हैं तो उन्‍हें ये बात समझनी चाहिए कि एक दिन में एक ही तरह का फूड बार-बार नहीं खाना चाहिए। जैसे कि अगर आपने नाश्‍ते में व्‍हाइट ब्रेड ली है तो फिर लंच या डिनर में चावल या जिसमें कार्बोहाइड्रेट हो उसे ना खाएं। इससे मोटापा नहीं बढता है। बींस और दाल से घटाएं वजन लो कैलोरी, फाइबर और प्रोटीन के लिए दालें और बींस को अपने आहार में शामिल करें। इससे शरीर की चर्बी कंट्रोल में रहती है और वेट लॉस होने लगता है। इसके अलावा आपका वजन घटाने वाले फल भी खा सकते हैं। बेहतरीन क्वालिटी और सस्ते दाम पर दाल खरीदने के लिए यहां क्लिक करें – Sampann Moong Split 500 कम नमक का इस्‍तेमाल वजन घटाने के के घरेलू उपाय में आहार में कम नमक का सेवन करना भी शामिल है। इसके अलावा प्रोस्‍टेट फूड्स भी कम या ना के बराबर खाएं। इनसे वेट बढ़ सकता है। इनकी जगह पोटाशियम के लिए केला और पालक खाएं। मैदा, शुगर जैसे रिफाइंड फूड्स भी कम खाएं क्‍योंकि ये बॉडी में पानी के जमाव को बढ़ाती हैं जिससे वजन बढ़ने लगता है। साधारण नमक की बजाए रसायन मुक्त नमक का इस्तेमाल करें – Puro Healthy Salt, 1kg (Pack of 2) वजन घटाने वाले व्‍यायाम रोज़ सुबह 30 मिनट की सैर करें। सूर्य मुद्रा योग, सूर्य नमस्‍कार, जुम्‍बा, स्‍वीमिंग, स्‍क्‍वॉयट और जैम कार्डियो एक्‍सरसाइज़ से वेट लॉस करने में मदद मिलती है। वजन घटाने के टिप्‍स – Weight loss tips Hindi अगर आप भी एक हफ्ते में वजन घटाने की सोच रहे हैं तो इस काम में ये टिप्‍स आपकी मदद कर सकते हैं: स्‍वस्‍थ काया और संतुलित वजन के लिए पर्याप्‍त नींद बहुत जरूरी है। हंसना सबसे अच्‍छी मोटापा घटाने की दवा है। जितना हो सके हंसे और वेट घटाएं। ग्रीन टी पीने से मेटाबॉलिज्‍म सिस्‍टम ठीक होता है इसलिए दिन में दो बार ग्रीन टी जरूर पीएं। ब्रेकफास्‍ट जरूर करें क्‍योंकि खाली पेट रहने से भी मोटापा बढ़ता है। ज्‍यादा से ज्‍यादा पानी पीएं और 8 बजे से पहले डिनर कर लें। खाने से पहले फल खाएं। इन आसान नैचुरल टिप्‍स (Natural Weight loss tips) से घर बैठे आप कुछ ही दिनों में वजन घटा सकते हैं। अगर आप सच में ठान लें तो कोई काम मुश्किल नहीं है।

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बाइसेप्स कैसे बनाएं – Biceps workout in hindi

अगर आप भी बॉडी बिल्डर जैसी सुडौल बॉडी बनाना चाहते हैं जिसे देख कर हर कोई हका बका रह जाए तो बता दें की अब ऐसा करना ज्यादा मुश्किल नहीं है। सही डाइट और बाइसेप्स बनाने की सही एक्सरसाइज की मदद से आप कुछ ही हफ्तों में बड़े और सुडौल बाइसेप्स बना पाएंगे। जिम जाने वाले हर व्यक्ति को चेस्ट (छाती) के बाद अगर कोई बॉडी पार्ट पसंद आता है तो वो है बाइसेप्स। जी हां, बाइसेप्स एक ऐसा पार्ट है जो हमारी पूरी फिजिकल अपीयरेंस को बदल सकते हैं। बड़े और मजबूत बाइसेप्स होना बॉडी बिल्डर की पहचान होती है। इस मसल ग्रुप के दो मुंह होते हैं एक लंबा और दूसरा छोटा। यह दोनों मिलकर हाथ से सामान को उठाने और घुमाने की प्रकिया में मदद करते हैं। बाइसेप्स कैसे बनाएं – Biceps banane ka sahi tarika बाइसेप्स को टारगेट करने से पहले ये जानना जरूरी होता है की आपका बाइसेप आखिर है कहां। बाइसेप की पहचान करने के लिए अपनी कोहनी को कंधे की ओर मोड़ें, बांह के ऊपरी हिस्से में आपको एक गोलाकार का मजबूत बंप दिखाई देगा। यही आपका बाइसेप मसल है। बाइसेप्स शरीर को आकषर्क बनाने में बहुत मदद करते हैं। यह बांह के सामने के लुक को बड़ा दर्शाते हैं जिससे व्यक्ति सुडौल दिखाई देता है। अगर आपका भी शौक बॉडी बिल्डिंग और जिम वर्कआउट करना है तो बता दें की बाइसेप्स एक्सरसाइज आपके लिए बेहद जरूरी हो सकती हैं। यह व्यायाम न केवल आपके डोलो को टारगेट करती हैं बल्कि पूरी बांह के साथ-साथ शोल्डर और बैक (पीठ) को भी ट्रेन करने में मदद करती हैं। बाइसेप्स शर्ट और टी-शर्ट दोनों में ही अच्छा लुक देते हैं जिसके चलते आजकल हर कोई सबसे पहले बाइसेप ट्रेन करना पसंद करता है। लेकिन बता दें की बाइसेप्स वर्कआउट इतना आसान नहीं होता है, आपको इसके लिए लगन, समय और सही पोषण की जरूरत होती है। तो चलिए ज्यादा समय बरबाद न करते हुए जानते हैं बाइसेप्स बनाने का सही तरीका क्या है – बाइसेप्स का साइज कैसे बढ़ाएं – How to build bigger biceps in Hindi मजबूत और सुडौल बाइसेप्स बनाने के लिए आपको कई बातों का ध्यान रखना पड़ सकता है जिसमें आहार, आराम, सही सप्लीमेंट्स और एक्सरसाइज शामिल होते हैं। बाइसेप्स का साइज बढ़ाने के लिए नीचे दिए गए नियमों को अपनी जीवनशैली में शामिल करने की कोशिश करें – अधिक खाना खाएं – बाइसेप्स का साइज बढ़ाने के लिए आपको अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है। ऐसे में वेट गेन की चिंता न करें क्योंकि आज हम आपको जिस प्रकार का बाइसेप्स वर्कआउट बताएंगे उसकी मदद से आपका वजन नियंत्रित रहेगा। इसके साथ ही आप दिन में जितनी कैलोरी बर्न करते हैं, बाइसेप्स बनाने के लिए उससे ज्यादा का सेवन करना चाहिए। सही पोषण पाने के लिए दिन में कम से कम चार बार खाना खाएं। बाइसेप्स बनाने के लिए क्या खाना चाहिए इसकी अधिक जानकारी हमने नीचे दी है। सुडौल बनते जाएं – बाइसेप्स के लिए साइज बेहद जरूरी होता है। साइज बढ़ाने के लिए आपको शरीर मजबूत बनाने की आवश्यकता होगी। ऐसे में कंपाउंड एक्सरसाइज अपनाएं जैसे की स्क्वाट, डेडलिफ्ट और बेंच प्रेस। यह सभी एक्सरसाइज आपके पुरे शरीर के बॉडी मास को बढ़ाने में मदद करेंगी जिससे आपको बाइसेप्स वर्कआउट करने में स्ट्रेंथ मिलेगी। आराम – बाइसेप्स मसल बढ़ाने के लिए केवल सही एक्सरसाइज की ही नहीं बल्कि पर्याप्त आराम की भी जरूरत होती है। रेस्ट के दौरान भी मसल्स की वृद्धि होती है। हफ्ते में 5 दिन वर्कआउट करें और 2 दिन आराम। बाइसेप्स के साइज को नापें – दो हफ्तों में कम से कम एक बार बाइसेप्स का साइज जरूर नापें। इससे आपको अपनी ग्रोथ का रिकॉर्ड रखने में मदद मिलेगी। अगर आपके बाइसेप्स का साइज नहीं बढ़ रहा है तो यानी आप सही ढंग से वर्कआउट नहीं कर रहे हैं या पर्याप्त मात्रा में आहार और आराम नहीं ले रहे हैं। इन सभी के अलावा आपको बाइसेप्स बनाने के लिए अन्य मसल ग्रुप पर ध्यान देने की भी जरूरत है। अपनी बांह को मजबूत और सुडौल बनाने के लिए ट्राइसेप्स और फोरआर्म्स को भी बराबर से ट्रेन करें। ट्राइसेप्स बाइसेप्स के पीछे का हिस्सा होता है और फोरआर्म्स कलाई व कोहनी के बीच का भाग होता है। इन सभी मसल ग्रुप को ट्रेन करने के लिए इस वर्कआउट रूटीन को फॉलो करें –  बाइसेप्स – बारबेल रो वर्कआउट बाइसेप्स को सबसे बेहतर ट्रेन करते हैं क्योंकि इस व्यायाम में आप रॉड को बाइसेप्स की तरफ खींचते हैं। बारबेल रो के दौरान आपके हाथ बाइसेप्स कर्ल मशीन की तरह काम करते हैं लेकिन इसमें वजन की तीव्रता अधिक होती है जिससे बाइसेप्स बनाए जा सकते हैं। ट्राइसेप्स – बेंच प्रेस और ओवरहेड प्रेस की मदद से आप आपने ट्राइसेप्स को तीव्रता से ट्रेन कर सकते हैं। इन दोनों ही व्यायमों में आप वजन को मसल से दूर ले जाते हैं। आपकी बांह स्कल क्रश एक्सरसाइज की तरह काम करते हैं लेकिन क्योंकि इसमें वजन अधिक होता है इसलिए अन्य मसल ग्रुप भी ट्रेन हो पाते हैं। फोरआर्म्स – आपको हो सकता है सुनने में थोड़ा अजीब लगे लेकिन यह सच है की डेडलिफ्ट फोरआर्म्स को भी टारगेट करते हैं। डेडलिफ्ट करते समय अलग-अलग प्रकार की ग्रिप का इस्तेमाल करें। बाइसेप्स का साइज बढ़ाने के लिए आपको अधिक स्क्वाट और डेडलिफ्ट करने की जरूरत होती है। इन व्यायमों में हमारे हाथ भी कार्य करते हैं। स्क्वाट्स और डेडलिफ्ट के दौरान आपके हाथ रॉड को मजबूती से पकड़ते हैं जिससे उनकी ग्रोथ में मदद मिलती है। आप चाहें तो अपने बाइसेप्स बनाने के लिए चिन-अप और डिप्स का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। ज्यादा वजन उठा पाने के कारण यह एक्सरसाइज बाइसेप्स कर्ल और स्कल क्रशर से भी ज्यादा प्रभावशाली होती हैं। चिन अप एक्सरसाइज में आप अपने हाथों की मदद से अपने शरीर को ऊपर की ओर खींचने की कोशिश करते हैं जिसे पूरा बल बाइसेप्स पर पड़ता है। अगर आपके पास घर पर बाइसेप्स बनाने के लिए डंबल या अन्य उपकरण नहीं हैं तो आप चिन अप व्यायाम कर सकते हैं। To expand your muscle – Kiesh Thigh Master Muscle Fitness बाइसेप्स बनाने के लिए

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