टॉप 10 जिम सप्लीमेंट जिम प्रोटीन पाउडर मल्टी विटामिन ओमेगा 3 बीसीएए गेनर एल-कार्टनाइट सीएलए प्री-वर्कआउट एल-आर्जिनाइन ग्लुटामाइन जिम प्रोटीन पाउडर प्रोटीन पाउडर क्या होता होता है प्रोटीन एक तरह का मैक्रोन्यूट्रिएंट होता है जो हमारे शरीर की वृद्धि, साथ ही शरीर की कमि को पूरा करता है और उसे स्वस्थ और मजबूत बनाए रखने के लिए जरूरी होता है। प्रोटीन पाउडर, प्रोटीन का कसेरट्रटेड पाउडर होता है जो कि डेयरी उत्पादों, अंडे, चावल और, सोयाबीन, आलू, हर्बल, मटर, दूध आदि का चूरन बनाकर बनता है। इन सभी का एक कॉम्बिनेशन तैयार करने के बाद इसमें शुगर, विटामिन्स और खनिज तत्व मिलाए जाते हैं। प्रोटीन पाउडर का उपयोग किसलिए किया जाता है? वर्कआउट के बाद आपके शरीर को ज्यादा एनर्जी की जरूरत होती है। एक्सरसाइज के बाद शरीर में ईंधन देने के लिए अधिक प्रोटीन की आवश्यकता होती है क्योंकि इस स्थिति में आपको नार्मल प्रोटीन डाइट से अधिक प्रोटीन की जरूरत होती है। यदि आप वर्कआउट करने के दौरान मजबूत मांशपेशियां बनाने की कोशिश कर रहे हैं, तो आपको सामान्य रूप से अधिक प्रोटीन की आवश्यकता होगी। जब आप किसी चोट से उबर रहे हों तो उसे जल्दी ठीक करने में प्रोटीन पाउडर मदद करता है। यदि आप शाकाहारी हैं तो आप मांस, चिकन और मछली सहित कई आम प्रोटीन चीज़ो का सेवन नहीं करते तो ऐसे में प्रोटीन पाउडर आपके शरीर में प्रोटीन की जरूरत को पूरा करता है। मल्टी विटामिन मल्टी विटामिन क्या होता होता है जैसे हमारे शरीर को स्वस्थ और बढ़िया बनाने में खनिज आहार और अन्य पोषक तत्वों का लेना जरूरी है उसी तरह हमारे शरीर में मल्टीविटामिन का लेना भी बहुत ही जरूरी है मल्टीविटामिन कई विटामिन को मिलकर बानी जाती है, जो सामान्य रूप से आपके आहार और अन्य प्राकृतिक चीज़ो में पाएं जाते हैं। मल्टीविटामिन का उपयोग तब किया जाता है, जब आप अपनी डाइट से शरीर के लिए आवश्यक विटामिन नहीं ले पाते हैं। आपके शरीर में विटामिन किसी बीमारी का कारण भी खत्म हो जाती है। इसकी कमी से हमें कोई बीमारी भी लग सकती है इसलिए आपको सभी प्रकार के विटामिन की जरूरत होती है और उनका चयन करना आपका स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद भी होता है और आप भी तंदुरुस्त और स्वस्थ रहना चाहते हैं तो आपको मल्टीविटामिन जरूर लेनी चाहिए। मल्टी विटामिन का उपयोग किसलिए किया जाता है? मल्टीविटामिन का उपयोग तब किया जाता है, जब आप अपनी डाइट से शरीर के लिए आवश्यक विटामिन नहीं ले पाते हैं। किसी बीमारी, गर्भावस्था, कुपोषण, पाचन संबंधी विकार और अन्य स्वास्थ्य स्थितियों के कारण शरीर में विटामिन की कमी होने पर भी मल्टीविटामिन दिए जाते है। मल्टीविटामिन के अनेक फायदे है , जिसे – पोषण संबंधी कमियों को ठीक करता है। स्वस्थ गर्भावस्था का समर्थन करता है। उचित विकास और विकास को बढ़ावा देता है। हड्डियों की मजबूती बनाए रखने में मदद करता है। ब्रेन फंक्शन को बेहतर बनाता है। नेत्र स्वास्थ्य को बढ़ाता है। हृदय स्वास्थ्य में लाभ हो सकता है। ओमेगा 3 ओमेगा 3 क्या होता होता है ओमेगा 3 एक फैटी एसिड, जो कि हेल्दी फैट माना जाता है। इसके दो प्रकार EPA और DHA कुछ प्रकार की मछलियों में पाया जाता है, जबकि इसका तीसरा प्रकार ALA नट्स और बीजों में पाया जाता है। ओमेगा 3 स्वस्थ शरीर के लिए काफी जरूरी है, जो कि कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। ये शाकाहारी और मांसाहारी दोनों ही तरह के खाद्य पदार्थों में ओमेगा 3 फैटी एसिड पाया जाता है। यह अखरोट जैसे सूखे मेवों, अलसी, सूरजमुखी, सरसों के बीज, सोयाबीन, स्प्राउट्स, गोभी, ब्रोकली, शलजम, हरी पत्तेदार सब्जियों और स्ट्रॉबेरी जैसे कई फलों में भी उच्च मात्रा में पाया जाता है। हालांकि, इसका सबसे पहली शाखा मछलियां ही होती है। ओमेगा 3 दिल की बीमारियों से दूर रखने में भी काफी फायदेमंद गया है। इसलिए सभी को हफ्ते में दो बार मछली का सेवन करना चाहिए, ताकि ज्यादा मात्रा में ओमेगा 3 प्राप्त हो सके। विशेष रूप से सामन, मैकेरल, हेरिंग, सार्डिन, लेक ट्राउट, और टूना मछलियों में ओमेगा 3 भारी मात्रा में मिलता है। लेकिन जिन लोगों को मछलियों का स्वाद पसंद नहीं है, वो फिश ऑयल सप्लीमेंट का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। ओमेगा 3 का उपयोग किसलिए किया जाता है? इससे शिशु के शरीर और मस्तिष्क का विकास ठीक से होता है। 3 ह्रदय संबंधी रोगों को दूर करने के लिए ओमेगा 3 बहुत जरूरी है। ओमेगा 3 मेटाबोलिक सिंड्रोम को ठीक करने में मदद करता है। 4 ओमेगा 3 वजन घटाने और मोटापा दूर करने में भी मदद करता है। इससे ऑस्टियोपोरोसिस का जोखिम कम होता है। यह गठिया से भी मदद करता है। ओमेगा -3 की खुराक लेने वाले मरीजों के अनुसार यह जोड़ों के दर्द में कमी लाता है और मांसपेशियों में मजबूती देता है। बीसीएए बीसीएए क्या होता होता है बीसीएए का पूरा नाम है ब्रांच्ड चेन अमीनो एसिड है। इसमें तीन तरह के अमीनो एसिड शामिल होते हैं ल्यूसीन, वेलिन और आइसोल्यूसीन। ये तीनों एनॉबोलिक होते हैं। इन तीनों में ल्यूसीन मसल्स बनाने में सबसे ज्यादा काम करता है। जब हम एक्सरसाइज करते है तो हमारी बॉडी अपनी एनर्जी खो देती है और काम करते रहने के लिए वह हमारी माशपेशियों को एनर्जी के लिए इस्तेमाल करने लगती है।बीसीएए आपकी मसल्स ब्रेक नहीं होने देता साथ ही आपके शरीर को एनर्जी देता है जिसे आप अच्छे से वर्कआउट कर पाए। बीसीएए का उपयोग किसलिए किया जाता है? यह एसेंशियल अमीनो एसिड है, जिसे बॉडी खुद रिकवर नहीं करती है। ये फूड या सप्लीमेंट के द्वारा ही हमें लेना होता है। बीसीएए बॉडी में अमीन एसिड्स की कमी को पूरा करता है, जिससे मसल्स ब्रेक डाउन होने से बच जाते हैं और जल्दी रिकवरी होती है।अब सवाल ये , है कि बीसीएए आता कहां से है। सच्चाई ये है कि प्रोटीन वाले हर खाने में यह होता है।अंडे, मीट, दालें, दूध और प्रोटीन के सभी स्रोतों में यह पाया जाता है। नॉन वेज मे इसकी मौजूदगी वेज के मुकाबले और ज्यादा होती है क्योंकि वैसे भी नॉन वेज में सभी आठ तरह के एमिनो एसिड पाए जाते हैं। गेनर गेनर क्या होता होता है गेनर वेट गेन के लिए लिया जाता है जो मसल्स मास बढ़ाने में
